Swadhar Grih Yojana Latest Details 2026: यौन उत्पीड़न की शिकार सहित कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं के लिए स्वाधार गृह योजना | Mission Shakti से इसका संबंध, लाभ, पात्रता, सुविधाएँ और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी।
Swadhar Grih Yojana Latest Details 2026: बेघर, हिंसा की शिकार या बेसहारा महिलाएँ कहाँ जाएँ? स्वाधार गृह योजना आज भी बना सहारा
समाज में हर दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ महिलाएँ अचानक अपने ही घर से बेघर हो जाती हैं। घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, परिवार द्वारा परित्याग, मानव तस्करी, सामाजिक बहिष्कार या यौन शोषण — कारण चाहे जो हो, परिणाम अक्सर एक ही होता है: असुरक्षा, बेबसी और जीवन का ठहर जाना।
ऐसी ही महिलाओं के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2002 में स्वाधार गृह योजना शुरू की। यह योजना उन महिलाओं के लिए बनाई गई थी जो यौन उत्पीड़न की शिकार सहित कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हो गई हों और जिनके पास रहने या सुरक्षा का कोई साधन न हो।
आज भी यह योजना बंद नहीं हुई है, बल्कि नए रूप में जारी है।
Swadhar Grih Yojana Latest Details 2026: अब किस रूप में चल रही है योजना?
सरकार ने कई महिला सुरक्षा योजनाओं को मिलाकर एक बड़ी योजना बनाई —
Mission Shakti
स्वाधार गृह योजना अब इसी मिशन के अंतर्गत Swadhar Greh Component के रूप में संचालित हो रही है।
यानी नाम भले बदला हो, लेकिन महिलाओं के लिए आश्रय और पुनर्वास की व्यवस्था आज भी जारी है।
Swadhar Grih Yojana Latest Details 2026: किन महिलाओं को मिलता है लाभ?
यह योजना 18 वर्ष से अधिक आयु की उन महिलाओं के लिए है जो गंभीर संकट में हों:
- यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाएँ
- घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाएँ
- परिवार द्वारा त्यागी गई महिलाएँ
- बेघर या बेसहारा महिलाएँ
- मानव तस्करी से मुक्त महिलाएँ
- वेश्यालयों से छुड़ाई गई महिलाएँ
- जेल से रिहा महिलाएँ जिनका कोई सहारा नहीं
- प्राकृतिक आपदा से प्रभावित महिलाएँ
- HIV/AIDS प्रभावित महिलाएँ
- मानसिक रूप से अस्थिर लेकिन उपचार योग्य महिलाएँ
स्वाधार गृह में क्या सुविधाएँ मिलती हैं?
यह सिर्फ आश्रय नहीं, बल्कि पुनर्वास केंद्र होता है जहाँ महिलाओं को नई जिंदगी शुरू करने के लिए तैयार किया जाता है।
सुरक्षित आवास
प्रत्येक गृह में लगभग 30 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होती है।
भोजन, कपड़े और दैनिक जरूरतें
महिलाओं की बुनियादी आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाता है।
स्वास्थ्य सुविधा
इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग
ट्रॉमा से उबरने में मदद के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध होते हैं।
कानूनी सहायता
जरूरत पड़ने पर न्यायिक मामलों में मार्गदर्शन मिलता है।
कौशल प्रशिक्षण
सिलाई, कंप्यूटर, हस्तशिल्प, ब्यूटी कार्य आदि सिखाया जाता है।
📞 हेल्पलाइन व परामर्श
टेलीफोन के माध्यम से भी सहायता दी जाती है।
बच्चों के लिए भी सुविधा
यदि महिला के साथ बच्चे हों तो उन्हें भी आश्रय दिया जाता है:
- 18 वर्ष तक की लड़कियाँ
- 12 वर्ष तक के लड़के
उनकी शिक्षा और देखभाल की भी व्यवस्था होती है।
कितने समय तक रह सकती हैं महिलाएँ?
सामान्यतः महिलाएँ 5 वर्ष तक स्वाधार गृह में रह सकती हैं।
55 वर्ष से अधिक आयु होने पर वृद्धाश्रम में स्थानांतरण संभव है।
प्रवेश कैसे मिलता है?
यह सामान्य सरकारी योजना की तरह ऑनलाइन आवेदन वाली नहीं है।
प्रवेश आमतौर पर निम्न माध्यमों से होता है:
- पुलिस या प्रशासन द्वारा
- जिला महिला एवं बाल विकास विभाग
- अदालत के आदेश से
- NGO / सामाजिक संस्थाओं द्वारा रेफरल
- हेल्पलाइन शिकायत के आधार पर
क्यों जरूरी है यह योजना?
भारत में लाखों महिलाएँ अभी भी सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक कारणों से असुरक्षित हैं। कई बार उनके पास कहीं जाने की जगह नहीं होती।
स्वाधार गृह योजना उनके लिए सिर्फ छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और नई शुरुआत का अवसर है।
निष्कर्ष
स्वाधार गृह योजना आज भी संकटग्रस्त महिलाओं के लिए जीवनरेखा है। Mission Shakti के तहत, यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि कोई भी महिला बिना सहारे के न रहे।
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