Share Market Mein Hahakar: 09 जनवरी 2026 को शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी टूट देखने को मिली। विदेशी बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता, रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की चाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Share Market Mein Hahakar: लगातार 5वें दिन Share Market में हाहाकार- नहीं थमी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह लुढ़के!
(09 जनवरी 2026, शुक्रवार)
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भी राहत नहीं मिल सकी। लगातार पांचवें कारोबारी दिन बाजार दबाव में रहा और निवेशकों की बेचैनी और गहरी हो गई। सप्ताह के आखिरी दिन कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर नकारात्मक माहौल हावी रहा, जो बंद होने तक बना रहा।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 604 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 193 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई। बीते कुछ सत्रों से जारी गिरावट ने निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है, खासकर उन लोगों को जो हालिया तेजी के बाद बाजार में उतरे थे।
Share Market Mein Hahakar: लगातार दबाव में क्यों है बाजार?
पिछले कई दिनों से बाजार पर एक साथ कई मोर्चों से दबाव बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता का असर सीधे भारतीय शेयर बाजार पर दिख रहा है। अमेरिका से जुड़ी व्यापार नीतियों और टैरिफ को लेकर बने असमंजस ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में बड़े निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं।
इसी का नतीजा यह रहा कि बाजार में खरीदारी की रफ्तार कमजोर पड़ती गई और बिकवाली का दबाव हावी हो गया।
Share Market Mein Hahakar: विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ी बेचैनी
शुक्रवार की गिरावट में विदेशी निवेशकों की भूमिका भी अहम रही। हाल के सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाला है। गुरुवार को भी हजारों करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली हुई थी, जिसका असर शुक्रवार के कारोबार में साफ दिखाई दिया।
जब विदेशी पूंजी बाजार से बाहर जाती है, तो बाजार की दिशा कमजोर पड़ना स्वाभाविक माना जाता है। इसी वजह से घरेलू निवेशक भी सतर्क नजर आए।
Share Market Mein Hahakar: वैश्विक संकेतों ने बढ़ाया डर
अमेरिका में टैरिफ से जुड़ा कानूनी मामला अभी साफ नहीं हुआ है। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आने वाले समय में व्यापार नियमों में क्या बदलाव हो सकते हैं। इसके अलावा भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बयानबाजी तेज हुई है।
इन सभी घटनाओं ने मिलकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है, जिससे निवेशक फिलहाल सुरक्षित रुख अपनाते दिख रहे हैं।
Share Market Mein Hahakar: कच्चे तेल और रुपये की चाल ने भी डाला असर
शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़ने से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर चिंताएं फिर उभर आई हैं। आमतौर पर तेल की कीमतों में तेजी शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत मानी जाती है।
इसके साथ ही भारतीय रुपये में भी कमजोरी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले फिसला और दिन के दौरान दबाव में बना रहा। रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेशकों की धारणा और नकारात्मक होती है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।
सोना-चांदी में दिखा अलग रुख
शेयर बाजार की गिरावट के बीच कीमती धातुओं में मिला-जुला रुख देखने को मिला। चांदी के भाव में पिछले कुछ दिनों की तुलना में गिरावट आई, जबकि सोने के दाम अपेक्षाकृत स्थिर बने रहे।
09 जनवरी 2026 को चांदी के भाव में नरमी दर्ज की गई और 10 ग्राम का भाव घटकर ₹2,680 पर आ गया। वहीं सोने में हल्की मजबूती बनी रही, जो यह संकेत देती है कि अनिश्चित माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत देता है बाजार?
लगातार पांच दिनों की गिरावट यह साफ दिखाती है कि बाजार फिलहाल दबाव में है। तेजी से मुनाफा कमाने की उम्मीद रखने वालों के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। वहीं, लंबे समय के निवेशक बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात साफ नहीं होते और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निष्कर्ष
09 जनवरी 2026 का दिन शेयर बाजार के लिए एक और मुश्किल दिन साबित हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट ने यह संकेत दिया कि बाजार अभी पूरी तरह संभला नहीं है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की चाल पर बनी रहेगी।
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