New GST Slab 2025: GST काउंसिल ने ज़रूरी वस्तुओं पर GST हटा दिया है। अब चावल, गेहूँ, दूध, फल-सब्ज़ी और सैनिटरी नैपकिन टैक्स-फ्री होंगे। जानिए इस बदलाव से आम जनता और छोटे व्यापारियों को कैसे मिलेगी राहत।
भारत में आम आदमी की ज़िंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा रोज़मर्रा की ज़रूरतों पर खर्च होता है। महंगाई की मार से जूझते परिवारों को अक्सर सबसे ज़्यादा परेशानी इसी कारण होती है कि हर दिन के खाने-पीने और ज़रूरी सामानों की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। ऐसे समय में GST काउंसिल का नया फैसला एक राहत की सांस लेकर आया है। अब कई जरूरी वस्तुएं टैक्स-फ्री श्रेणी (0% GST) में शामिल कर दी गई हैं।
New GST Slab 2025: क्यों किया गया GST स्लैब में बदलाव?
सरकार ने यह कदम जनता की बढ़ती परेशानी को देखते हुए उठाया है। पिछले कुछ महीनों से लगातार खाद्य पदार्थों और घरेलू सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही थी। आम परिवार, खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग, हर महीने के बजट को संभालने में कठिनाई महसूस कर रहे थे।
ऐसे हालात में जब आवश्यक वस्तुओं पर से टैक्स का बोझ हटाया गया, तो इसका सीधा असर परिवार के मासिक खर्च पर पड़ने वाला है। यह कदम न केवल जनता को राहत देगा, बल्कि छोटे दुकानदारों और किराना व्यापारियों को भी फायदा पहुंचाएगा क्योंकि अब उन्हें GST की जटिलताओं से नहीं जूझना पड़ेगा।
New GST Slab 2025: अब किन वस्तुओं पर नहीं लगेगा GST?
🔹 खाद्यान्न (अनपैक्ड चावल, गेहूँ, दालें)
पहले इन पर 5% GST देना पड़ता था। अब ये पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गए हैं। यानी थोक में या खुले रूप में खरीदे गए चावल, गेहूँ, और दालें अब पहले से सस्ती मिलेंगी।
🔹 ताज़ी सब्ज़ियाँ और फल
अब आलू, प्याज़, टमाटर से लेकर मौसमी फल तक पर कोई GST नहीं लगेगा। पहले 5% टैक्स लगता था, जो अब हटा दिया गया है। यह बदलाव सीधे तौर पर हर घर के किचन बजट को हल्का करेगा।
🔹 दूध और डेयरी से जुड़ी वस्तुएँ
दूध, दही, छाछ और पनीर जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थ अब GST मुक्त हो गए हैं। इससे हर दिन इस्तेमाल होने वाली इन चीजों पर परिवारों को बड़ी बचत होगी।
🔹 ब्रेड और बेकरी बेसिक आइटम
ब्रेड और कुछ बेकरी की आवश्यक वस्तुएं पहले 5% टैक्स स्लैब में आती थीं, लेकिन अब इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
🔹 महिलाओं की स्वच्छता से जुड़ी वस्तुएँ (सैनिटरी नैपकिन)
पहले इन पर 12% तक GST देना पड़ता था। अब यह पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गई हैं। महिलाओं के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत है क्योंकि यह वस्तुएँ रोज़मर्रा की ज़रूरत का हिस्सा हैं।
New GST Slab 2025: आम जनता को क्या लाभ मिलेगा?
- घर का मासिक बजट हल्का होगा – जिन वस्तुओं का रोज़ इस्तेमाल होता है, उन पर टैक्स हटने से सीधी बचत होगी।
- खाने-पीने की वस्तुएँ सस्ती होंगी – अब चावल, गेहूँ, दूध और सब्ज़ियाँ जैसे सामान हर किसी की पहुँच में और आसान होंगे।
- महिलाओं को राहत – सैनिटरी नैपकिन पर टैक्स हटना महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए ऐतिहासिक कदम है।
- विद्यार्थियों और युवाओं को फायदा – जो युवा बाहर पढ़ाई या नौकरी के लिए रहते हैं, उन्हें रोज़ाना खाने-पीने में सीधी बचत महसूस होगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष लाभ – गाँवों और कस्बों में लोग अधिकतर अनपैक्ड सामान खरीदते हैं। ऐसे में अब उन्हें और भी सस्ते दामों पर खाद्यान्न और अन्य वस्तुएँ मिलेंगी।
New GST Slab 2025: छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए फायदे
यह बदलाव केवल ग्राहकों के लिए ही नहीं, बल्कि छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों के लिए भी राहतभरा है।
• अब उन्हें इन वस्तुओं पर GST की गणना और रिटर्न दाखिल करने की परेशानी नहीं होगी।
• ग्राहकों को सस्ता सामान मिलने से बिक्री बढ़ेगी।
• टैक्स का झंझट खत्म होने से व्यापारियों का पेपरवर्क और अनुपालन का बोझ भी घटेगा।
New GST Slab 2025: एक आम परिवार की बचत का अनुमान
अगर कोई औसत परिवार हर महीने लगभग 5 किलो दाल, 10 किलो चावल, 10 किलो गेहूँ, दूध और सब्ज़ियों पर खर्च करता है तो पहले लगभग 300-400 रुपये टैक्स के रूप में देना पड़ता था। अब यह पूरा पैसा उनकी बचत में जुड़ जाएगा। सालभर में देखें तो यह बचत लगभग 4,000-5,000 रुपये तक पहुँच सकती है।
New GST Slab 2025: लोगों की प्रतिक्रिया
लोगों का मानना है कि यह कदम सही समय पर उठाया गया है। एक गृहिणी के अनुसार, “हर महीने किराने का खर्च इतना बढ़ जाता था कि बाकी ज़रूरतों पर रोक लगानी पड़ती थी। अब ज़रूरी सामान सस्ता होने से थोड़ी राहत मिलेगी।”
एक छोटे दुकानदार का कहना है, “अब GST का झंझट खत्म हो गया है। सीधे सस्ता सामान बेच पाएँगे और ग्राहक भी खुश रहेंगे।”
निष्कर्ष
GST काउंसिल का यह फैसला आम लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। महंगाई से राहत दिलाने और ज़रूरी वस्तुओं को हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए यह कदम बेहद सराहनीय है।
नया GST स्लैब न केवल घर-परिवार के बजट को संभालेगा, बल्कि छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के लिए भी आसानियाँ लाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे समाज के उस वर्ग को सीधी राहत मिलेगी जो हर दिन मेहनत करता है और अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष करता है।
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