MP Kisan Competition Jito Prize 2026: मध्यप्रदेश सरकार की खास पहल में किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर जीतने का मौका मिल रहा है। ऑनलाइन पंजीयन 15 मार्च तक खुला है। जानें पूरी प्रक्रिया, पात्रता और चयन का तरीका।
MP Kisan Competition Jito Prize 2026: मध्यप्रदेश में किसानों के लिए खास मौका- ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर जीतने की प्रतियोगिता, 15 मार्च तक रजिस्ट्रेशन
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है, जो खेती को केवल पेशा नहीं बल्कि सम्मान और प्रगति से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाते हुए राज्य के किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर जैसे बड़े पुरस्कार जीतने का अवसर दिया जा रहा है। इससे न केवल किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि नई कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जुड़ाव भी बढ़ेगा।
यह राज्य स्तरीय ईनामी प्रतियोगिता संस्कृति विभाग, वीर भारत न्यास तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसान केवल योजनाओं के लाभार्थी न बनें, बल्कि जानकारी और जागरूकता के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बनें।
MP Kisan Competition Jito Prize 2026: क्या-क्या मिलेंगे पुरस्कार
प्रतियोगिता में प्रत्येक जिले से विजेताओं का चयन किया जाएगा और उन्हें आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
- 🥇 प्रथम पुरस्कार — ट्रैक्टर
- 🥈 द्वितीय पुरस्कार — बुलेट मोटरसाइकिल
- 🥉 तृतीय पुरस्कार — ई-स्कूटर
इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार दिए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान इसमें भाग लें।
MP Kisan Competition Jito Prize 2026: ऐसे करें पंजीयन
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीयन करना होगा। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट www.veerbharatnyas.com पर जाकर आधार नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होगी। पंजीयन के बाद प्रतिभागियों को कृषि से जुड़ी ऑनलाइन क्विज में शामिल होना होगा।
क्विज में कुल 24 प्रश्न होंगे और सभी प्रश्नों के उत्तर 24 मिनट के भीतर देने होंगे। यह प्रक्रिया किसानों के कृषि ज्ञान का आकलन करने के साथ-साथ उन्हें नई जानकारियों से भी जोड़ने का माध्यम बनेगी।
MP Kisan Competition Jito Prize 2026: चयन कैसे होगा
जो प्रतिभागी सभी प्रश्नों के सही उत्तर देंगे, उनमें से विजेताओं का चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहेगी। प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तिथि 15 मार्च निर्धारित की गई है, इसलिए इच्छुक किसान समय रहते पंजीयन कर लें।
कृषि संस्थानों को भी मिलेगा सम्मान
इस अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान विकास केंद्र और कृषि उपज मंडियों को भी सम्मानित किया जाएगा। ऐसे संस्थानों को 11 हजार रुपये की नगद राशि और प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि किसानों तक जानकारी पहुंचाने का कार्य और मजबूत हो सके।
किसानों से अपील
कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लें। यह केवल पुरस्कार जीतने का अवसर नहीं, बल्कि कृषि ज्ञान बढ़ाने और नई तकनीकों को समझने का भी मौका है।
सरकार की यह पहल किसानों को प्रेरित करने, कृषि को आधुनिक बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। यदि किसान सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं, तो यह अभियान प्रदेश में कृषि जागरूकता का बड़ा आंदोलन बन सकता है।
किसानों में दिख रहा भारी उत्साह, ज्ञान के साथ मिलेगा बड़ा अवसर
ग्रामीण क्षेत्रों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कई किसानों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ न केवल पुरस्कार जीतने का अवसर देती हैं, बल्कि उन्हें नई कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और आधुनिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी भी प्रदान करती हैं। युवा किसान विशेष रूप से इसमें बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं, क्योंकि यह ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में बेहतर खेती के लिए प्रेरित भी करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ तो इससे किसानों में जागरूकता बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में नवाचार को भी गति मिलेगी।
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