Kaziranga Elevated Corridor Project 2026: असम में काजीरंगा नेशनल पार्क के पास 35 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर और NH-715 अपग्रेडेशन परियोजना शुरू। जानिए इस ₹6950 करोड़ के प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी।
Kaziranga Elevated Corridor Project 2026: काजीरंगा में कनेक्टिविटी बढ़ाने की बड़ी पहल
असम में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और साथ ही काजीरंगा नेशनल पार्क की जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना शुरू की जा रही है। इस परियोजना के तहत काजीरंगा क्षेत्र में लगभग 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे सड़क यातायात सुचारु रहेगा और वन्यजीवों की सुरक्षा भी बनी रहेगी।
यह परियोजना “भू्मिपूजन” कार्यक्रम के साथ औपचारिक रूप से शुरू की गई है और इसका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना है।
Kaziranga Elevated Corridor Project 2026: 35 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण
इस परियोजना के तहत काजीरंगा क्षेत्र में 35 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके साथ ही NH-715 के कलियाबोर से नुमालीगढ़ तक लगभग 86 किलोमीटर सड़क का चार लेन में उन्नयन भी किया जाएगा। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹6950 करोड़ बताई जा रही है।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि सड़क यातायात और वन्यजीवों के प्राकृतिक मार्ग एक-दूसरे से प्रभावित न हों। इससे हाथी, बाघ और अन्य वन्यजीव सुरक्षित रूप से अपने प्राकृतिक आवास में आवाजाही कर सकेंगे।
Kaziranga Elevated Corridor Project 2026: जैव विविधता की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
काजीरंगा नेशनल पार्क विश्व प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है, जो विशेष रूप से एक सींग वाले गैंडे, हाथियों और बाघों के लिए जाना जाता है।
इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सड़कों पर अक्सर वन्यजीवों के साथ दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसलिए एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना इस तरह तैयार की गई है कि सड़क ऊपर से गुजरे और नीचे वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक मार्ग उपलब्ध रहे।
इस पहल से विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
Kaziranga Elevated Corridor Project 2026: नए ट्रेनों की भी शुरुआत
परियोजना के साथ-साथ असम की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कुछ नई ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इनमें प्रमुख रूप से अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो असम के शहरों को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगी।
ट्रेनों के माध्यम से असम के विभिन्न शहरों जैसे डिब्रूगढ़, कामाख्या, गोमती नगर और रोहतक के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल सड़क या रेल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क के कारण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
काजीरंगा नेशनल पार्क पहले से ही देश और विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। बेहतर कनेक्टिविटी से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
Kaziranga Elevated Corridor Project 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में नया कदम
देश में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए विभिन्न राज्यों में कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का उपयोग करते हुए बनाई जाएगी, ताकि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
निष्कर्ष
काजीरंगा में बनने वाला 35 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर और NH-715 का उन्नयन असम की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा। इसके साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह परियोजना विकास और प्रकृति संरक्षण के संतुलन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है और आने वाले समय में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर सकती है।
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