Income Tax Refund New Updates 2025: आईटीआर भरने के बाद इनकम टैक्स रिफंड कितने दिन में मिलता है? कब आती है राशि, कैसे करें स्टेटस चेक और किन वजहों से अटक सकता है आपका रिफंड – जानें पूरी जानकारी।
भारत में हर साल करोड़ों लोग इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं। यह न केवल एक कानूनी जिम्मेदारी है बल्कि एक साधन भी है जिससे टैक्सपेयर्स को अपनी अधिक भुगतान की गई राशि वापस मिलती है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिरकार ITR भरने के कितने दिन बाद उनका टैक्स रिफंड उनके खाते में पहुंचता है। इस सवाल का जवाब सीधा है लेकिन इसके पीछे पूरी प्रक्रिया और कुछ तकनीकी पहलुओं को समझना जरूरी है।
जब कोई करदाता ITR भरकर उसे ई-वेरिफाई कर देता है, तभी इनकम टैक्स विभाग उसकी प्रोसेसिंग शुरू करता है। आमतौर पर ई-वेरिफिकेशन के 7 से 21 दिन के भीतर रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हालांकि रिफंड का पैसा करदाता के खाते में आने में 4 से 5 दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो यदि सब कुछ सही है, तो रिफंड लगभग 15 से 25 दिनों में आपके अकाउंट में पहुंच सकता है।
लेकिन यह समय हर करदाता के लिए समान नहीं होता। कई बार अकाउंट डिटेल्स में गलती, आधार और पैन लिंक न होना या फिर TDS की गड़बड़ी जैसी वजहों से यह समय बढ़ भी सकता है। इसीलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे ITR फाइल करते समय और उसे वेरिफाई करते समय सभी जानकारी ध्यान से भरें।
Income Tax Refund New Updates 2025: इनकम टैक्स रिफंड क्या है और क्यों जरूरी है?
भारत में लाखों लोग हर साल अपनी कमाई पर टैक्स भरते हैं। कई बार ऐसा होता है कि टैक्सपेयर ने जितना टैक्स भरा है, वह उसकी वास्तविक टैक्स देनदारी (Tax Liability) से ज्यादा होता है। ऐसे में सरकार उस अतिरिक्त राशि को वापस करती है, जिसे हम Income Tax Refund कहते हैं।
सरल भाषा में कहें तो रिफंड वही पैसा है, जो आपने ज्यादा भर दिया था। मान लीजिए कि किसी व्यक्ति को 50,000 रुपये टैक्स देना था, लेकिन उसके सैलरी खाते से 65,000 रुपये कट गए। ऐसे में 15,000 रुपये का रिफंड सरकार द्वारा उसके खाते में लौटाया जाएगा।
Income Tax Refund New Updates 2025: कितने दिन में मिलता है ITR Refund?
यह सवाल लगभग हर टैक्सपेयर के मन में आता है। आम तौर पर, आईटीआर फाइल करने और उसे ई-वेरिफाई करने के 7 से 21 दिनों के भीतर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड की प्रोसेसिंग शुरू कर देता है।
प्रोसेसिंग पूरी होने के बाद, आपके बैंक अकाउंट में रिफंड आने में लगभग 4 से 7 दिन का समय लग सकता है। यानी अगर आपने जल्दी फाइल किया है और आपका बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड है, तो आपको रिफंड जल्दी मिल जाएगा।
लेकिन यह समय हर किसी के लिए समान नहीं होता। अगर आपकी आईटीआर में कोई गड़बड़ी है या डॉक्यूमेंट्स की जांच की ज़रूरत है, तो समय बढ़ भी सकता है।
Income Tax Refund New Updates 2025: ITR Refund मिलने की प्रक्रिया
रिफंड मिलने से पहले कुछ जरूरी स्टेप्स पूरे करने होते हैं। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं:
- ITR फाइल करना
सबसे पहले आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर होती है। - ITR का ई-वेरिफिकेशन
रिटर्न फाइल करने के बाद उसे ई-वेरिफाई करना जरूरी है। ई-वेरिफिकेशन के बिना आपकी फाइलिंग अधूरी मानी जाती है और रिफंड की प्रक्रिया शुरू ही नहीं होती। - प्रोसेसिंग बाय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट
ई-वेरिफिकेशन के बाद टैक्स विभाग आपके रिटर्न की जांच करता है। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो रिफंड की स्वीकृति मिल जाती है। - बैंक अकाउंट में रिफंड
एक बार स्वीकृति मिलने पर पैसा सीधे आपके प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
Income Tax Refund New Updates 2025: ITR Refund का स्टेटस कैसे चेक करें?
बहुत से टैक्सपेयर रिफंड को लेकर असमंजस में रहते हैं। यह जानना बेहद आसान है कि आपका रिफंड किस स्थिति में है।
- सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
- अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें।
- “E-file” टैब में जाएं और “Income Tax Return” ऑप्शन पर क्लिक करें।
- यहां आपको आपके सभी रिटर्न्स का स्टेटस दिख जाएगा।
- जिस साल का रिफंड चेक करना चाहते हैं, उस पर “View Details” क्लिक करें।
यहां से आप जान पाएंगे कि आपका रिफंड प्रोसेस हुआ है या अभी लंबित है।
Income Tax Refund New Updates 2025: रिफंड क्यों अटक जाता है?
अक्सर लोगों को शिकायत रहती है कि महीनों बीत गए लेकिन रिफंड नहीं आया। इसके कई कारण हो सकते हैं:
• ई-वेरिफिकेशन न होना – आपने ITR तो फाइल कर दिया लेकिन ई-वेरिफिकेशन नहीं किया।
• PAN और आधार लिंक न होना – अगर आपका PAN कार्ड आधार से लिंक नहीं है, तो रिफंड अटक सकता है।
• बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड न होना – केवल उसी बैंक अकाउंट में रिफंड आता है जो पहले से वेरिफाई हो।
• गलत डिटेल्स दर्ज करना – बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड में गलती भी रिफंड रोक सकती है।
• टीडीएस का मैच न होना – अगर आपके नियोक्ता ने जो टैक्स कटवाया है, वह आपके फॉर्म 26AS से मैच नहीं कर रहा, तो जांच में देरी होगी।
Income Tax Refund New Updates 2025: किन परिस्थितियों में मिलता है रिफंड?
हर टैक्सपेयर को रिफंड नहीं मिलता। यह सिर्फ उन्हीं स्थितियों में दिया जाता है जब आपने अपनी टैक्स लायबिलिटी से अधिक टैक्स जमा कर दिया हो।
उदाहरण के लिए:
• अगर आपके नियोक्ता ने आपकी सैलरी से ज्यादा TDS काट लिया है।
• अगर आपने एडवांस टैक्स ज्यादा भर दिया।
• अगर आपने निवेश पर टैक्स छूट का दावा किया है लेकिन वह कटौती पहले से नहीं जोड़ी गई।
Income Tax Refund New Updates 2025: रिफंड को लेकर आम गलतफहमियां
बहुत से लोग मानते हैं कि ITR फाइल करते ही पैसा आ जाएगा। जबकि असलियत यह है कि रिफंड सिर्फ अतिरिक्त टैक्स भरने वालों को ही मिलता है।
कई लोग यह भी सोचते हैं कि रिफंड में ब्याज मिलता है। दरअसल, अगर रिफंड की राशि काफी देर से मिलती है, तो उस पर ब्याज मिल सकता है, लेकिन यह ब्याज बहुत सीमित होता है और सभी मामलों में लागू नहीं होता।
Income Tax Refund New Updates 2025: रिफंड जल्दी पाने के लिए क्या करें?
• समय पर ITR फाइल करें।
• ई-वेरिफिकेशन तुरंत करें।
• PAN और आधार को लिंक रखें।
• बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड होना चाहिए।
• डिटेल्स भरते समय किसी भी तरह की गलती से बचें।
Income Tax Refund New Updates 2025: निष्कर्ष
इनकम टैक्स रिफंड आपके मेहनत के पैसों की सही वापसी है। अगर आपने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है और समय पर ITR फाइल किया है, तो सरकार भी आपके हक का पैसा वापस देती है।
ध्यान रहे कि यह प्रक्रिया तकनीकी और औपचारिक है, इसलिए इसमें थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन अगर आपकी सारी जानकारी सही है और अकाउंट वैलिडेटेड है, तो आपको बिना किसी परेशानी के रिफंड समय पर मिल जाएगा।
👉 इस तरह, ITR रिफंड पाने के लिए आपको सिर्फ समय पर रिटर्न फाइल, ई-वेरिफिकेशन और सही बैंक डिटेल्स देने की जरूरत है। अगर सब कुछ सटीक है, तो आपका अतिरिक्त पैसा कुछ ही दिनों में आपके खाते में होगा।
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