Gratuity Rule 2025: जानिए 2025 के नए ग्रेच्युटी नियम, गणना का फार्मूला और 5, 7, 10 साल की नौकरी के बाद कितनी मिलेगी राशि। ग्रेच्युटी टैक्स नियम और कर्मचारियों के लिए फायदे की पूरी जानकारी हिंदी में।
हर नौकरीपेशा व्यक्ति की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि लंबी सेवा के बाद उसका भविष्य सुरक्षित कैसे होगा? वेतन और बोनस तो नौकरी के दौरान मिलते रहते हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा काफी हद तक ग्रेच्युटी (Gratuity) पर निर्भर करती है।
भारत सरकार ने हाल ही में ग्रेच्युटी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन नए नियमों से न केवल कर्मचारियों को स्पष्टता मिलेगी बल्कि अब उन्हें यह भी पहले से पता होगा कि 5, 7 और 10 साल की नौकरी पूरी करने पर वे कितनी राशि पाने के हकदार होंगे।
Gratuity Rule 2025: ग्रेच्युटी क्या होती है और कौन कर सकता है दावा?
ग्रेच्युटी एक तरह की सेवा-निष्ठा राशि (Service Benefit) है, जिसे नियोक्ता अपने कर्मचारी को उसकी लंबी सेवाओं की सराहना के रूप में देता है।
• कब मिलती है?
ग्रेच्युटी कर्मचारी को तब मिलती है जब वह कम से कम 5 साल की लगातार नौकरी पूरी कर ले और उसके बाद नौकरी छोड़ दे, रिटायर हो या कभी-कभी छंटनी की स्थिति में भी।
• किसे मिलती है?
सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिलती है जो ऐसे संगठन में काम करते हैं जहाँ कम से कम 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों।
• कानून क्या कहता है?
ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 (Payment of Gratuity Act 1972) के अनुसार, यह राशि अंतिम वेतन (Basic + DA) और सेवा के कुल वर्षों के आधार पर तय की जाती है।
📊 नया नियम 2025 – गणना का फार्मूला
ग्रेच्युटी की गणना एक निश्चित फॉर्मूले से की जाती है:
ग्रेच्युटी = (अंतिम वेतन × 15 / 26) × सेवा के कुल वर्ष
👉 यहाँ 15/26 का मतलब है – हर साल के लिए 15 दिन का वेतन, जबकि महीने को 26 कार्य दिवस मानकर गणना होती है।
Gratuity Rule 2025: 5, 7 और 10 साल की सेवा के बाद कितनी मिलेगी राशि?
मान लीजिए किसी कर्मचारी का अंतिम मासिक वेतन ₹50,000 है (बेसिक + महंगाई भत्ता)।
• 5 साल के बाद
ग्रेच्युटी = (50,000 × 15/26) × 5
= लगभग ₹1,44,230
• 7 साल के बाद
ग्रेच्युटी = (50,000 × 15/26) × 7
= लगभग ₹2,02,000
• 10 साल के बाद
ग्रेच्युटी = (50,000 × 15/26) × 10
= लगभग ₹2,88,460
👉 साफ है कि जैसे-जैसे सेवा का समय बढ़ता है, ग्रेच्युटी की राशि भी कई गुना बढ़ जाती है।
Gratuity Rule 2025: नए नियमों से कर्मचारियों को क्या लाभ?
- पारदर्शिता और स्पष्टता
पहले कई कर्मचारियों को यह पता नहीं होता था कि उन्हें कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी। अब नया नियम इसे पूरी तरह स्पष्ट कर देता है। - वित्तीय योजना में मदद
जब कर्मचारी को यह अंदाज़ा होगा कि भविष्य में उसे कितनी ग्रेच्युटी मिलने वाली है, तो वह उसी हिसाब से निवेश और बचत की योजना बना सकता है। - कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा
ग्रेच्युटी एक तरह से कर्मचारी की निष्ठा और समर्पण का पुरस्कार है। इससे कर्मचारियों को लंबे समय तक एक ही संस्था से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है। - नियोक्ता और कर्मचारी के बीच विवाद कम होंगे
नए नियमों के तहत गणना स्पष्ट होने से अब किसी तरह के भ्रम या विवाद की संभावना कम हो जाएगी।
Gratuity Rule 2025: ग्रेच्युटी का अधिकतम सीमा और टैक्स नियम
• अधिकतम सीमा:
सरकार ने अधिकतम ग्रेच्युटी राशि की सीमा ₹20 लाख तय की है। यानी किसी भी कर्मचारी को इससे अधिक ग्रेच्युटी नहीं मिल सकती।
• टैक्स छूट:
Income Tax Act की धारा 10(10) के तहत, ग्रेच्युटी पर एक निश्चित सीमा तक टैक्स छूट मिलती है। इससे कर्मचारी को अतिरिक्त राहत मिलती है।
Gratuity Rule 2025: कर्मचारियों के जीवन पर प्रभाव
कल्पना कीजिए कि एक मध्यमवर्गीय परिवार का सदस्य, जिसने लगातार 10 साल तक किसी कंपनी में नौकरी की, उसे रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर लगभग 3 लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिलेगी। यह राशि उसके बच्चों की पढ़ाई, घर की ज़रूरतों या किसी छोटे निवेश में मदद कर सकती है।
ग्रेच्युटी सिर्फ पैसों का लेन-देन नहीं बल्कि एक कर्मचारी की मेहनत और वफादारी का सम्मान भी है।
📌 उदाहरण से समझिए
रामेश्वर, जो एक निजी कंपनी में पिछले 12 साल से काम कर रहे हैं, उनकी सैलरी 40,000 रुपये है। नए नियमों के अनुसार उनकी ग्रेच्युटी होगी:
(40,000 × 15/26) × 12 = लगभग ₹2,76,900
यह राशि उन्हें नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के समय मिलेगी। सोचिए, इतने पैसे से वे अपने बच्चों की फीस चुका सकते हैं या पेंशन योजना में निवेश कर सकते हैं।
निष्कर्ष
2025 के नए ग्रेच्युटी नियम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात की तरह हैं। इससे न केवल कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि उनकी निष्ठा और मेहनत का उचित सम्मान हो।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब नौकरीपेशा लोग महंगाई और भविष्य की चिंता से जूझ रहे हैं। अब उन्हें यह भरोसा रहेगा कि उनकी वर्षों की मेहनत का सही फल उन्हें ग्रेच्युटी के रूप में मिलेगा।
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